रखा क्या है



साभार गुगल

बेवज़ह की बातों में रखा क्या है
तेरी झूठी बातों में रखा क्या है
आईना होता तो दिखलाता शक्ल
इन ज़ुबानी बातों में रखा क्या है
तोड़ दी तुमने वादों से अपनी अना
बेकार की बातों में रखा क्या है
हम भी दुनियाँ देख कर आए सनम
बुतपरस्ती निभाने में रखा क्या है
पैमानों का सब्र टूट जाए इक  यहाँ
तेरे इन रीते प्यालों में रखा क्या है
बेपनाह मौहबते नाहक ना  जता
"अरु" बात बेबात की बातों में रखा क्या है
आराधना राय "अरु"

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