कोई बात है



नयनों ने नयनों से कही क्या बात है
रूप का आँचल सवारती कोई बात है
---------------------------------------------------
अलकों को सजा लेने की कोई बात है
मधुर गीतों से सजी फ़िर कोई बात है
----------------------------------------------------
हमने देखी दुनियाँ  अजब कोई बात है
बोल कर हँसती तुम्हारी भी कोई बात है
--------------------------------------------------
जागती आँखों ने कही फ़िर कोई बात है
उमर के मोड़ पर रुकी फ़िर कोई बात है
---------------------------------------------------
पल -हर पल तुम्हें निहारती कोई बात है
परत दर परत चढ़ी खमोशी कोई बात है
------------------------------------------------------
रेत का तूफां था नहीं माना कोई बात है
ले गया संग अपने बस्तीयाँ कोई बात है
--------------------------------------------------------
तुम से तू का सफर रहा ये कोई बात है
"अरु" आहत है मन कह  कोई बात है
आराधना राय "अरु"






Comments

Popular posts from this blog

अतुकांत कविता

अश्रु

बता तूने क्या पाया मन