अतुकांत




ज़ज्बात बोलते हैआँखों के तले
मन में ज़ज्बातो के तूफान पले
खामोश हो घंटो तुम्हे सुनती हूँ
तेरा अहसास होने का नहीं क्या
वजूद को अपने साथ बुन लेती हूँ
तूम बोलते हो में सुन तुम्हे लेती हूँ


  आराधना राय अरु 

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