तुम संग





   
 तुम , सखा, सहोदर, मित्र अरु भाई
 कृष्ण संग  द्रोपदी की लाज रह पाई।

 सुभद्रा जगत दात्री सी भगनी जब पाई
 अर्जुन संग बंधन में बांध हर्षित हो पाई

 तुम संग जन्म -जन्म का नेता मेरे साईं
 जीवन डोर यह मेरी  तुम संग बांध पाई
आराधना राय "अरु" 

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